हिंदी व्याकरण फ़्लैशकार्ड: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया
कक्षा 6 से 10 के छात्रों के लिए फ़्लैशकार्ड: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया की परिभाषा, उनके भेद और आसान उदाहरण, ताकि परीक्षा से पहले जल्दी दोहराया जा सके।
फ़्लैशकार्ड डेक23 कार्डमध्यमस्कूल
भारतीय संविधान की मूल बातें दोहराने के लिए फ़्लैशकार्ड: प्रस्तावना के आदर्श, मौलिक अधिकारों की श्रेणियाँ, मौलिक कर्तव्य और सरकार के तीन अंग। कक्षा 8 से 12 के छात्रों के लिए।
इस्तेमाल, एडिट, प्रिंट और पढ़ाई के लिए फ़्री। अकाउंट की ज़रूरत नहीं: आपका सेट इसी डिवाइस पर रहता है।
संविधान सभा ने इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया।
यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसी दिन हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, और 26 नवंबर को संविधान दिवस।
संविधान संविधान सभा ने बनाया, जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।
प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे।
संविधान की शुरुआत में लिखा परिचय, जो बताता है कि संविधान किन आदर्शों और लक्ष्यों पर आधारित है।
यह ‘हम, भारत के लोग’ से शुरू होती है, यानी शक्ति का स्रोत जनता है।
भारत एक
‘समाजवादी’ और ‘पंथनिरपेक्ष’ शब्द 1976 में 42वें संशोधन से जोड़े गए।
ऐसा देश जिसका राष्ट्राध्यक्ष चुना जाता है, वंश के आधार पर नहीं बनता।
भारत में राष्ट्रपति एक निर्वाचक मंडल द्वारा चुने जाते हैं।
भाग 3 में, अनुच्छेद 12 से 35 तक।
ये नागरिकों को राज्य की मनमानी से बचाते हैं, और इनके उल्लंघन पर अदालत जाया जा सकता है।
संपत्ति का अधिकार 1978 में 44वें संशोधन से मौलिक अधिकारों से हटा दिया गया।
अनुच्छेद 19 में बोलने और अभिव्यक्ति, शांतिपूर्ण सभा, संगठन बनाने, देश में कहीं भी घूमने और बसने, तथा कोई भी पेशा अपनाने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार।
6 से 14 वर्ष तक के हर बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार।
इसे 2002 में 86वें संशोधन से जोड़ा गया।
अनुच्छेद 25–28: किसी भी धर्म को मानने, उसका पालन और प्रचार करने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 29–30: अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति बचाने तथा अपने शिक्षण संस्थान चलाने का अधिकार।
मौलिक अधिकार छिनने पर नागरिक सीधे सर्वोच्च न्यायालय जा सकता है। उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत सुनवाई करते हैं।
अदालत रिट जारी कर सकती है, जैसे बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus)।
भाग 4A, अनुच्छेद 51A में।
1976 में 42वें संशोधन से 10 कर्तव्य जोड़े गए; 2002 में 86वें संशोधन से 11वाँ कर्तव्य जुड़ा। अब कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं।
भाग 4 (अनुच्छेद 36–51) में सरकार के लिए दिशा-निर्देश, जैसे सबके लिए रोज़गार, समान काम का समान वेतन, ग्राम पंचायतें।
इन्हें अदालत में लागू नहीं करवाया जा सकता, पर क़ानून बनाते समय सरकार को इनका ध्यान रखना होता है।
राष्ट्रपति + लोकसभा + राज्यसभा
लोकसभा के सदस्य जनता सीधे चुनती है; राज्यसभा के सदस्य मुख्य रूप से राज्यों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्य चुनते हैं।
लोकसभा: सामान्य रूप से 5 वर्ष; इसे पहले भंग किया जा सकता है।
राज्यसभा: स्थायी सदन, कभी भंग नहीं होती। सदस्य 6 वर्ष के लिए चुने जाते हैं और हर 2 वर्ष में एक-तिहाई सदस्य बदलते हैं।
सातवीं अनुसूची में विषयों का बँटवारा:
वोट देने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है। 1989 से पहले यह 21 वर्ष थी (61वाँ संशोधन)।
चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी भारत निर्वाचन आयोग की है (अनुच्छेद 324)।
देश की सबसे ऊँची अदालत, नई दिल्ली में।
यह फ़्लैशकार्ड सेट भारतीय संविधान की मूल बातें समझने और याद रखने के लिए है: संविधान कब और कैसे बना, प्रस्तावना के आदर्श, मौलिक अधिकारों की छह श्रेणियाँ, मौलिक कर्तव्य, नीति निदेशक तत्व और सरकार के तीन अंग। यह कक्षा 8 से 12 के नागरिक शास्त्र और राजनीति विज्ञान के छात्रों के लिए उपयोगी है, और उन लोगों के लिए भी जो सामान्य ज्ञान के लिए संविधान की बुनियादी जानकारी पक्की करना चाहते हैं। ध्यान दें: यह पढ़ाई में मदद करने वाला सेट है, किसी परीक्षा के आधिकारिक प्रश्न नहीं हैं। अनुच्छेदों और संशोधनों की जानकारी अपनी किताब या संविधान के आधिकारिक पाठ से मिलाकर ही परीक्षा में लिखें। हर कार्ड के आगे के हिस्से पर एक सवाल है और पीछे छोटा, साफ़ जवाब। स्टडी मोड में अंतराल पर दोहराना (spaced repetition) अपने आप चलता है: जो कार्ड आसान लगे, वह कुछ दिन बाद आएगा, और कठिन कार्ड जल्दी लौटेंगे। काग़ज़ पर पढ़ने के लिए सेट को दोनों तरफ़ प्रिंट करें, काटें और जेब में रखें, ताकि बस या मेट्रो में भी दोहरा सकें।
28 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया