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फ़्लैशकार्ड डेक24 कार्डशुरुआतीस्कूल

हिंदी व्याकरण फ़्लैशकार्ड: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया

कक्षा 6 से 10 के छात्रों के लिए फ़्लैशकार्ड: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया की परिभाषा, उनके भेद और आसान उदाहरण, ताकि परीक्षा से पहले जल्दी दोहराया जा सके।

इस्तेमाल, एडिट, प्रिंट और पढ़ाई के लिए फ़्री। अकाउंट की ज़रूरत नहीं: आपका सेट इसी डिवाइस पर रहता है।

कार्ड, आगे और पीछे

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    संज्ञा किसे कहते हैं?

    पीछे

    किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।

    उदाहरण: राम, किताब, दिल्ली, गाय, ख़ुशी।

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    संज्ञा के मुख्य भेद कौन-से हैं?

    पीछे

    संज्ञा के तीन मुख्य भेद हैं:

    • व्यक्तिवाचक संज्ञा
    • जातिवाचक संज्ञा
    • भाववाचक संज्ञा

    कई किताबों में द्रव्यवाचक और समूहवाचक संज्ञा को जातिवाचक के अंदर भी गिना जाता है।

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    व्यक्तिवाचक संज्ञा

    पीछे

    जो शब्द किसी एक ख़ास व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम बताए।

    उदाहरण: गंगा, हिमालय, महात्मा गांधी, मुंबई, ताजमहल।

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    जातिवाचक संज्ञा

    पीछे

    जो शब्द किसी पूरी जाति या वर्ग का बोध कराए।

    उदाहरण: नदी, पहाड़, लड़का, शहर, पेड़।

    याद रखें: ‘गंगा’ व्यक्तिवाचक है, पर ‘नदी’ जातिवाचक।

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    भाववाचक संज्ञा

    पीछे

    जो शब्द किसी गुण, दशा, भाव या अवस्था का नाम बताए, जिसे छुआ या देखा नहीं जा सकता, सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है।

    उदाहरण: प्यार, ग़ुस्सा, बचपन, मिठास, ईमानदारी।

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    द्रव्यवाचक और समूहवाचक संज्ञा

    पीछे

    द्रव्यवाचक: जिसे नापा या तौला जाए, गिना नहीं जाए। उदाहरण: दूध, सोना, पानी, चावल।

    समूहवाचक: जो किसी समूह का नाम बताए। उदाहरण: सेना, कक्षा, भीड़, परिवार।

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    भाववाचक संज्ञा बनाइए: मीठा, बच्चा, अच्छा, पढ़ना

    पीछे
    • मीठा → मिठास
    • बच्चा → बचपन
    • अच्छा → अच्छाई
    • पढ़ना → पढ़ाई

    भाववाचक संज्ञा विशेषण, जातिवाचक संज्ञा या क्रिया से बनाई जा सकती है।

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    सर्वनाम किसे कहते हैं?

    पीछे

    जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। इससे एक ही नाम बार-बार दोहराना नहीं पड़ता।

    उदाहरण: मैं, तुम, वह, यह, कौन, कोई, आप।

    सीता स्कूल गई। वह रोज़ जल्दी जाती है।

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    सर्वनाम के कितने भेद हैं?

    पीछे

    सर्वनाम के छह भेद हैं:

    1. पुरुषवाचक
    2. निश्चयवाचक
    3. अनिश्चयवाचक
    4. संबंधवाचक
    5. प्रश्नवाचक
    6. निजवाचक
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    पुरुषवाचक सर्वनाम

    पीछे

    बोलने वाले, सुनने वाले या जिसके बारे में बात हो, उसके लिए आने वाले सर्वनाम।

    • उत्तम पुरुष: मैं, हम
    • मध्यम पुरुष: तू, तुम, आप
    • अन्य पुरुष: वह, वे, यह, ये
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    निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक सर्वनाम

    पीछे

    निश्चयवाचक: किसी पास या दूर की निश्चित चीज़ की ओर इशारा करे। उदाहरण: यह मेरी किताब है। वह मेरा घर है।

    अनिश्चयवाचक: किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न कराए। उदाहरण: दरवाज़े पर कोई है। दूध में कुछ गिर गया।

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    संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक सर्वनाम

    पीछे

    संबंधवाचक: दो बातों को जोड़े। जो मेहनत करेगा, सो पाएगा।

    प्रश्नवाचक: प्रश्न पूछने के लिए। कौन आया? तुम क्या खा रहे हो?

    निजवाचक: अपने लिए ख़ुद प्रयोग। मैं यह काम अपने आप करूँगा। वह ख़ुद आया।

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    विशेषण किसे कहते हैं?

    पीछे

    जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, मात्रा आदि) बताए, उसे विशेषण कहते हैं।

    उदाहरण: लाल गुलाब, चार किताबें, थोड़ा पानी।

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    विशेष्य और प्रविशेषण

    पीछे

    विशेष्य: जिस शब्द की विशेषता बताई जाए। ‘लाल गुलाब’ में ‘गुलाब’ विशेष्य है।

    प्रविशेषण: जो विशेषण की भी विशेषता बताए। ‘बहुत तेज़ लड़का’ में ‘बहुत’ प्रविशेषण है।

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    विशेषण के चार भेद

    पीछे
    1. गुणवाचक: गुण, रंग, आकार, दशा। अच्छा, नीला, लंबा, बीमार।
    2. संख्यावाचक: गिनती या क्रम। पाँच, दूसरा, कुछ।
    3. परिमाणवाचक: नाप-तौल। दो किलो, थोड़ा, बहुत।
    4. सार्वनामिक: सर्वनाम जो संज्ञा से पहले आकर विशेषण बने। यह लड़का, वह घर।
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    संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर

    पीछे

    संख्यावाचक उन चीज़ों के साथ आता है जो गिनी जाती हैं: तीन केले, दस छात्र।

    परिमाणवाचक उन चीज़ों के साथ आता है जो नापी या तौली जाती हैं: एक लीटर दूध, थोड़ी चीनी।

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    विशेषण की तुलनात्मक अवस्थाएँ

    पीछे
    • मूलावस्था: सामान्य रूप। राम अच्छा लड़का है।
    • उत्तरावस्था: दो की तुलना। श्याम राम से अधिक अच्छा है।
    • उत्तमावस्था: सबसे बढ़कर। मोहन सबसे अच्छा है।
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    क्रिया किसे कहते हैं?

    पीछे

    जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं।

    उदाहरण: पढ़ना, खेलना, सोना, लिखना, हँसना।

    बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।

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    धातु किसे कहते हैं?

    पीछे

    क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं। ‘ना’ हटाने पर धातु मिलती है।

    उदाहरण: पढ़ना → पढ़, लिखना → लिख, खाना → खा।

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    कर्म के आधार पर क्रिया के भेद

    पीछे

    सकर्मक क्रिया: जिसका फल कर्म पर पड़े, कर्म ज़रूरी हो। सीमा चिट्ठी लिखती है।

    अकर्मक क्रिया: जिसमें कर्म न हो, फल कर्ता पर पड़े। बच्चा सोता है। चिड़िया उड़ती है।

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    सकर्मक या अकर्मक कैसे पहचानें?

    पीछे

    क्रिया से पहले ‘क्या’ या ‘किसे’ लगाकर प्रश्न पूछें।

    जवाब मिले तो सकर्मक: राम क्या खाता है? → आम। (सकर्मक)

    जवाब न मिले तो अकर्मक: राधा क्या हँसती है? → कोई उत्तर नहीं। (अकर्मक)

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    द्विकर्मक क्रिया

    पीछे

    जिस सकर्मक क्रिया के दो कर्म हों।

    उदाहरण: टीचर ने छात्रों को कहानी सुनाई।

    माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।

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    पहचानिए: ‘वह ईमानदार लड़की तेज़ दौड़ती है।’

    पीछे
    • वह → सार्वनामिक विशेषण
    • ईमानदार → गुणवाचक विशेषण
    • लड़की → जातिवाचक संज्ञा (विशेष्य)
    • दौड़ती है → अकर्मक क्रिया

    ‘तेज़’ यहाँ क्रिया की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह क्रियाविशेषण है।

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    पहचानिए: ‘मैंने अपने दोस्त को दो किताबें दीं।’

    पीछे
    • मैंने → पुरुषवाचक सर्वनाम (उत्तम पुरुष)
    • अपने → निजवाचक रूप
    • दोस्त → जातिवाचक संज्ञा
    • दो → संख्यावाचक विशेषण
    • दीं → द्विकर्मक सकर्मक क्रिया

यह टेम्पलेट कैसे इस्तेमाल करें

यह फ़्लैशकार्ड सेट हिंदी व्याकरण के चार सबसे ज़रूरी हिस्सों को दोहराने के लिए बना है: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया। ये विषय कक्षा 6 से 10 तक हर साल आते हैं और बोर्ड परीक्षा के व्याकरण वाले हिस्से की नींव हैं। हर कार्ड के आगे के हिस्से पर एक सवाल या शब्द है, और पीछे के हिस्से पर छोटी परिभाषा, भेद और आसान उदाहरण। आख़िर के कार्ड पूरे वाक्य में शब्दों को पहचानने का अभ्यास कराते हैं, क्योंकि परीक्षा में अक्सर यही पूछा जाता है। कार्ड को स्टडी मोड में खोलें: जो कार्ड आपको तुरंत याद आ जाए, वह अंतराल पर दोहराने (spaced repetition) के हिसाब से कुछ दिन बाद फिर आएगा, और जो कठिन लगे, वह जल्दी लौटेगा। इस तरह रोज़ दस-पंद्रह मिनट में पूरा सेट पक्का हो जाता है। अगर आप काग़ज़ पर पढ़ना पसंद करते हैं, तो दोनों तरफ़ प्रिंट (double-sided) करें, ताकि हर कार्ड के एक तरफ़ सवाल और दूसरी तरफ़ जवाब रहे। यह सेट पढ़ाई में मदद के लिए है; अपनी स्कूल की किताब में दी गई परिभाषाओं से एक बार ज़रूर मिलाएँ।

टिप्स

  • पहले दिन सिर्फ़ परिभाषा वाले कार्ड पढ़ें, अगले दिन भेद वाले, और फिर वाक्य पहचानने वाले कार्ड जोड़ें।
  • जवाब देखने से पहले उसे ज़ोर से बोलें या कॉपी में लिखें; ख़ुद याद करने की कोशिश से बात ज़्यादा देर तक याद रहती है।
  • हर भेद के लिए अपना एक उदाहरण सोचें, जैसे अपने शहर का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा के लिए।
  • आज दोहराने वाले कार्ड रोज़ एक तय समय पर पूरे करें, ताकि आपकी स्ट्रीक बनी रहे।
  • दोनों तरफ़ प्रिंट करते समय प्रिंटर की ‘flip on long edge’ सेटिंग चुनें, ताकि जवाब सही कार्ड के पीछे आए।
  • मिलान मोड में परिभाषा और भेद को जोड़ने का खेल खेलें; परीक्षा से पहले टेस्ट मोड से ख़ुद को जाँचें।
  • जो कार्ड बार-बार ग़लत हो रहा हो, उसका उदाहरण बदलकर अपने शब्दों में लिख दें।

इसे फ़िट करें

  • कक्षा 6–7 के लिए सिर्फ़ संज्ञा और सर्वनाम के कार्ड रखें और वाक्य पहचानने वाले कार्ड बाद में जोड़ें।
  • कक्षा 9–10 के लिए क्रियाविशेषण, वाच्य, काल और संधि के नए कार्ड इसी ढाँचे में बनाएँ।
  • टीचर इसे क्लास में क्विज़ की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं: आगे का हिस्सा दिखाएँ और छात्रों से जवाब पूछें।
  • अपनी किताब के अध्याय के हिसाब से कार्ड का क्रम बदलें, ताकि सेट आपके सिलेबस से मेल खाए।

28 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया