गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर भाषण
26 जनवरी की स्कूल सभा के लिए 3–4 मिनट का भाषण: संविधान कब लागू हुआ, डॉ. आंबेडकर की भूमिका, हमारे अधिकार और कर्तव्य, और एक सच्चे नागरिक का वादा।
भाषण12 कार्डबोलने में लगभग 4 मिनटशुरुआतीस्कूल
स्कूल की सभा के लिए 15 अगस्त का 3–4 मिनट का भाषण: अभिवादन, आज़ादी का इतिहास, स्वतंत्रता सेनानी, आज की ज़िम्मेदारी और जोशीला समापन, अपने नाम और कक्षा के साथ।
इस्तेमाल, एडिट, प्रिंट और पढ़ाई के लिए फ़्री। अकाउंट की ज़रूरत नहीं: आपका सेट इसी डिवाइस पर रहता है।
आदरणीय प्रधानाचार्य [प्रधानाचार्य का नाम] जी, सम्मानित शिक्षकगण, मुख्य अतिथि [अतिथि का नाम] जी और मेरे प्यारे साथियो, आप सभी को सुप्रभात!
मेरा नाम [आपका नाम] है और मैं कक्षा [कक्षा] में पढ़ता/पढ़ती हूँ।
आज हम सब यहाँ भारत का [वर्ष के हिसाब से संख्या]वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं।
सबसे पहले, आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
(थोड़ा रुकें, तालियों का इंतज़ार करें।)
यह आज़ादी हमें तोहफ़े में नहीं मिली। इसके लिए लाखों लोगों ने संघर्ष किया, जेल गए और अपने प्राणों की आहुति दी।
किसान, मज़दूर, छात्र, महिलाएँ — हर वर्ग के लोग इस लड़ाई में साथ खड़े थे।
हमारे [राज्य/शहर का नाम] से भी [स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी का नाम] जैसे वीरों ने आज़ादी की लड़ाई में बड़ा योगदान दिया।
उनके बारे में एक बात: [उनके जीवन की एक छोटी, सही घटना]।
हर साल इस दिन प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल क़िले पर तिरंगा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।
देश भर के स्कूलों, दफ़्तरों और गलियों में भी झंडा फहराया जाता है — जैसे आज हमारे स्कूल में।
आज़ादी के बाद भारत ने विज्ञान, खेल, शिक्षा और तकनीक में बहुत तरक्की की है।
उदाहरण: [एक हाल की उपलब्धि, जैसे कोई अंतरिक्ष मिशन या खेल की जीत]।
लेकिन अभी भी गरीबी, गंदगी और अशिक्षा जैसी चुनौतियाँ बाकी हैं।
आइए, आज हम सब मिलकर एक वादा करें: हम अपने देश को और बेहतर बनाने के लिए हर दिन एक छोटा अच्छा काम करेंगे।
आज़ादी सिर्फ़ एक दिन का त्योहार नहीं, हर दिन की ज़िम्मेदारी है।
इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता/करती हूँ। मुझे बोलने का मौका देने के लिए धन्यवाद।
जय हिंद! जय भारत!
(ऊँची और साफ़ आवाज़ में, फिर मुस्कुराकर मंच से उतरें।)
यह टेम्पलेट 15 अगस्त की स्कूल सभा, प्रार्थना सभा या झंडारोहण कार्यक्रम के लिए है, जहाँ आपको तीन से चार मिनट बोलना होता है। हर कार्ड पर एक ही बात है: अभिवादन, आज के दिन का महत्व, 1947 का इतिहास, स्वतंत्रता सेनानी, तिरंगे का मतलब, आज का भारत और छात्रों की ज़िम्मेदारी। कार्ड पर पूरे वाक्य भी हैं और छोटे बिंदु भी, ताकि आप देखकर बोल सकें पर पूरा पढ़ना न पड़े। चौकोर कोष्ठक [ ] में लिखी चीज़ें अपने हिसाब से भरें, जैसे प्रधानाचार्य का नाम, अपनी कक्षा या अपने राज्य के किसी स्वतंत्रता सेनानी का नाम। इतिहास की बातें सरल और सही रखी गई हैं; कोई नई तारीख़ या आँकड़ा जोड़ें तो पहले अपनी किताब या शिक्षक से जाँच लें। कार्ड A6 साइज़ पर प्रिंट करें, उन पर नंबर लिखें और भाषण से पहले कम से कम दो बार ज़ोर से बोलकर अभ्यास करें।
28 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया