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मौखिक परीक्षा की तैयारी

एक सवाल चुनें, एक मिनट सोचें और घड़ी के साथ बोलें। हिंदी मौखिक परीक्षा, CBSE English speaking और प्रैक्टिकल वाइवा के लिए फ़्री अभ्यास, बिना अकाउंट के।

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टाइमिंग

आपका अभ्यास

आपके जवाब यहाँ दिखेंगे।

आपका अभ्यास का इतिहास इसी डिवाइस पर रहता है।

लिखित परीक्षा में आप सोच सकते हैं, काट सकते हैं और दोबारा लिख सकते हैं। मौखिक परीक्षा में ऐसा नहीं होता। परीक्षक सामने बैठे होते हैं, सवाल अचानक आता है और जवाब उसी पल देना होता है। इसलिए बहुत से अच्छे छात्र भी मौखिक परीक्षा में घबरा जाते हैं। अच्छी ख़बर यह है कि बोलना भी बाकी चीज़ों की तरह अभ्यास से सुधरता है, बस अभ्यास ज़ोर से और घड़ी के साथ होना चाहिए।

ऊपर दिया गया टूल इसी के लिए है। यह आपको एक सवाल देता है, सोचने के लिए तैयारी का टाइमर चलाता है, फिर बोलने का टाइमर, और आख़िर में वे सवाल दिखाता है जो परीक्षक आगे पूछ सकते हैं। यह पूरी तरह फ़्री है, इसके लिए अकाउंट नहीं चाहिए, और सुनने का काम आपके डिवाइस पर ही होता है। आपकी आवाज़ न रिकॉर्ड होती है, न कहीं भेजी जाती है।

मौखिक परीक्षा कैसे होती है

भारत में "मौखिक परीक्षा" कई रूपों में होती है, और हर स्कूल, बोर्ड और कॉलेज के अपने नियम होते हैं। इस टूल में तीन आम रूप हैं:

  • हिंदी मौखिक परीक्षा। बहुत से स्कूलों में हिंदी के आंतरिक मूल्यांकन में शिक्षक कोई विषय, चित्र या कहानी की शुरुआत देते हैं, और छात्र थोड़ा सोचकर कुछ मिनट बोलता है। यहाँ हमने लगभग एक मिनट की तैयारी और दो मिनट बोलने का समय रखा है, लेकिन आपके स्कूल में यह अलग हो सकता है।
  • CBSE English speaking (ASL जैसा अभ्यास)। CBSE अंग्रेज़ी में सुनने और बोलने का आंतरिक मूल्यांकन करवाता है, जिसमें अक्सर छात्र किसी topic पर छोटी प्रस्तुति देता है और फिर परीक्षक उसी topic पर सवाल पूछते हैं। काम, समय और अंक स्कूल के स्तर पर तय होते हैं और समय-समय पर बदलते रहे हैं, इसलिए अपने अंग्रेज़ी शिक्षक से ताज़ा जानकारी लें। यहाँ सवाल अंग्रेज़ी में हैं और सुझाव हिंदी में।
  • प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट वाइवा। विज्ञान के प्रैक्टिकल, कंप्यूटर के प्रोग्राम या किसी भी विषय के प्रोजेक्ट के बाद परीक्षक आपसे आपके काम के बारे में पूछते हैं। यहाँ सोचने का अलग समय नहीं मिलता, सवाल सुनते ही जवाब देना होता है। हमारे वाइवा के सवाल ऐसे हैं जो लगभग हर प्रोजेक्ट पर लागू होते हैं।

यहाँ दिए गए समय आम अनुभव पर आधारित हैं, किसी बोर्ड का नियम नहीं। परीक्षा से पहले अपने शिक्षक या स्कूल के सर्कुलर से असली समय और तरीका ज़रूर पूछ लें।

इस टूल से अभ्यास कैसे करें

  1. परीक्षा का रूप चुनें हिंदी मौखिक, CBSE English speaking या वाइवा। हर रूप के अपने सवाल और अपना समय है।
  2. सवाल लें टूल एक सवाल अचानक चुनता है, ठीक असली परीक्षा की तरह। जो सवाल आप हाल में कर चुके हैं, वे तुरंत दोबारा नहीं आते।
  3. तैयारी के समय में नोट्स लिखें टाइमर चलते समय तीन-चार मुख्य शब्द लिखें। वाइवा में यह कदम नहीं होता, वहाँ सीधे बोलना शुरू होता है।
  4. घड़ी के साथ ज़ोर से बोलें खड़े होकर, ऐसे बोलें जैसे परीक्षक सामने हों। चाहें तो "+1 मिनट" दबाएँ, या "कोई समय सीमा नहीं" चुनें।
  5. अगले सवालों का जवाब दें आख़िर में परीक्षक के संभावित सवाल दिखते हैं। हर एक का जवाब दो-तीन वाक्यों में ज़ोर से दें।

अगर आपका ब्राउज़र डिवाइस पर ही बोली सुन सकता है, तो आप स्कोर चालू कर सकते हैं। यह आपकी बोलने की रफ़्तार और "अं", "मतलब", "तो" जैसे भराव वाले शब्द गिनता है। यह स्कोर आपके अभ्यास का संकेत है, परीक्षा का अंक नहीं। आपका इतिहास इसी डिवाइस पर रहता है, ताकि आप देख सकें कि हफ़्ते भर में क्या बदला।

तैयारी के एक मिनट का सही इस्तेमाल

एक मिनट कम लगता है, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करें तो काफ़ी है। इस समय में पूरा जवाब लिखने की कोशिश न करें, वह कभी पूरा नहीं होगा। उसकी जगह ये चार चीज़ें लिखें:

  • पहला वाक्य। जवाब की शुरुआत कैसे करेंगे, यह तय होना सबसे ज़रूरी है। पहला वाक्य पक्का हो, तो घबराहट आधी हो जाती है।
  • दो या तीन मुख्य बातें। हर बात के लिए सिर्फ़ एक-दो शब्द, जैसे "पानी, कचरा, हल"।
  • एक उदाहरण। अपने घर, स्कूल या शहर से कोई असली बात। उदाहरण से जवाब याद भी रहता है और असली भी लगता है।
  • आख़िरी वाक्य। एक लाइन जिसमें आपकी मुख्य बात या सुझाव हो, ताकि जवाब बीच में अटका हुआ न लगे।

जवाब का ढाँचा

दो मिनट के जवाब के लिए एक आसान ढाँचा काफ़ी है: शुरुआत में विषय पर अपनी राय या विषय का परिचय, बीच में दो-तीन बातें और हर बात के साथ एक उदाहरण, और अंत में एक वाक्य में सार। बदलाव साफ़ बोलें, जैसे "पहली बात यह है कि…", "दूसरी तरफ़…" और "आख़िर में मैं कहना चाहूँगा कि…"। अंग्रेज़ी में "First…", "On the other hand…" और "To sum up…" यही काम करते हैं। इससे परीक्षक को आपकी बात समझने में आसानी होती है और आपको भी पता रहता है कि आप कहाँ हैं।

वाइवा में ढाँचा थोड़ा अलग होता है। वहाँ लंबा भाषण नहीं, सीधा और छोटा जवाब चाहिए: पहले सवाल का सीधा उत्तर, फिर एक कारण या उदाहरण, और फिर रुक जाएँ। परीक्षक को अगर और सुनना होगा, तो वे ख़ुद पूछेंगे। अपने प्रोजेक्ट का परिचय, यानी विषय, उद्देश्य, तरीका और मुख्य नतीजा, पहले से तीन-चार वाक्यों में तैयार रखें, क्योंकि यही सवाल अक्सर सबसे पहले आता है।

परीक्षक के अगले सवाल

मौखिक परीक्षा में आपका पहला जवाब सिर्फ़ शुरुआत है। अक्सर परीक्षक उसी बात पर आगे सवाल पूछते हैं: "आप ऐसा क्यों सोचते हैं?", "इसका कोई उदाहरण दीजिए", या "अगर ऐसा न हो तो?"। इसीलिए यह टूल हर सवाल के बाद दो से चार अगले सवाल दिखाता है। उन्हें पढ़कर चुप न रहें, हर एक का जवाब ज़ोर से दें।

अगर किसी सवाल का जवाब नहीं पता, तो घबराएँ नहीं। ईमानदारी से कहें कि आपको पक्का नहीं पता, फिर बताएँ कि आप क्या जानते हैं या उसे कैसे पता करेंगे। "मुझे ठीक से याद नहीं, लेकिन मेरा अनुमान है कि…" कहना चुप रहने से कहीं बेहतर है। सवाल समझ न आए, तो विनम्रता से दोबारा पूछ लेना भी बिल्कुल ठीक है।

क्यू कार्ड के साथ अभ्यास

अभ्यास के आख़िर में "इस जवाब के क्यू कार्ड बनाएँ" बटन है। यह एडिटर खोलता है, जिसमें सवाल और आपके तैयारी के नोट्स पहले से होते हैं। वहाँ आप हर मुख्य बात को एक कार्ड पर रख सकते हैं, A4 पर प्रिंट कर सकते हैं और रिहर्सल मोड में दोबारा बोल सकते हैं। परीक्षा वाले दिन कार्ड साथ ले जाने की अनुमति हो या न हो, उन्हें बनाने से ही बातें दिमाग में क्रम से बैठ जाती हैं।

वाइवा के लिए हर संभावित सवाल का एक कार्ड बनाएँ: ऊपर सवाल, नीचे दो-तीन मुख्य शब्द। स्कूल जाते समय या परीक्षा से दस मिनट पहले इन कार्डों पर एक नज़र डालना काफ़ी होता है। टेम्पलेट लाइब्रेरी में भाषण, वाद-विवाद और वाइवा के तैयार कार्ड भी हैं। भाषण की पूरी तैयारी के लिए हमारी गाइड भाषण कैसे दें पढ़ें।

आम गलतियाँ

  • पूरा जवाब रटना। रटा हुआ जवाब एक शब्द भूलते ही टूट जाता है, और परीक्षक के अगले सवाल पर काम नहीं आता। क्रम और मुख्य शब्द याद रखें, वाक्य अपने बनाएँ।
  • बहुत तेज़ बोलना। घबराहट में लोग जल्दी-जल्दी बोलते हैं। थोड़ा धीरे बोलें और ज़रूरी बात के बाद एक पल रुकें।
  • विषय से भटकना। हर बात के बाद खुद से पूछें: क्या यह सवाल का जवाब है? न हो, तो छोड़ दें।
  • नज़र झुकाए रखना। परीक्षक की ओर देखकर बोलें। इससे आत्मविश्वास दिखता है, भले ही अंदर थोड़ा डर हो।
  • सिर्फ़ मन में अभ्यास करना। मन में सब ठीक लगता है। ज़ोर से बोलने पर ही पता चलता है कि कहाँ अटकते हैं।

रोज़ बस एक-दो सवाल का अभ्यास करें। शिक्षक हैं? यही सवाल कक्षा में जोड़ियों में अभ्यास के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं, और क्लास से आप अपने छात्रों को कार्ड सेट भी दे सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह मौखिक परीक्षा अभ्यास टूल फ़्री है?

हाँ। सवाल, तैयारी का टाइमर, बोलने का टाइमर, रफ़्तार का स्कोर और अभ्यास का इतिहास, सब फ़्री है और अकाउंट बनाने की ज़रूरत नहीं। Gold सदस्यों के हर जवाब के आँकड़े उनके रिहर्सल इतिहास में भी सेव होते हैं।

क्या मेरी आवाज़ रिकॉर्ड होती है?

नहीं। अगर आपका ब्राउज़र डिवाइस पर ही सुन सकता है, तो शब्द और भराव वाले शब्द आपके फ़ोन या कंप्यूटर पर ही गिने जाते हैं। कोई ऑडियो या लिखा हुआ जवाब रिकॉर्ड नहीं होता और कहीं भेजा नहीं जाता। जो ब्राउज़र ऐसा नहीं कर सकते, उनमें सिर्फ़ टाइमर चलता है।

असली परीक्षा में कितना समय मिलता है?

यह हर स्कूल, बोर्ड और कॉलेज में अलग होता है। यहाँ हमने आम तौर पर दिखने वाला समय रखा है: सोचने के लिए लगभग एक मिनट और बोलने के लिए लगभग दो मिनट, और वाइवा में लगभग तीन मिनट का जवाब। अपने शिक्षक या स्कूल के सर्कुलर से असली समय ज़रूर पूछें।

क्या यह CBSE की असली ASL परीक्षा है?

नहीं। यह CBSE की English Assessment of Listening and Speaking जैसी बोलने की तैयारी के लिए अभ्यास है। सवाल हमने खुद लिखे हैं, ये पुराने पेपर नहीं हैं। असली परीक्षा का तरीका और अंक आपका स्कूल तय करता है।

अगर मुझे और समय चाहिए तो?

बोलते समय "+1 मिनट" बटन दबाकर समय बढ़ा सकते हैं, या "कोई समय सीमा नहीं" चुनकर बिना घड़ी के आराम से अभ्यास कर सकते हैं। शुरुआत में बिना समय सीमा के बोलें, फिर धीरे-धीरे असली समय पर आएँ।

वाइवा के सवाल अंग्रेज़ी में क्यों नहीं हैं?

यहाँ वाइवा के सवाल हिंदी में हैं, क्योंकि बहुत से छात्र हिंदी में वाइवा देते हैं। अगर आपका वाइवा अंग्रेज़ी में होगा, तो भी ये सवाल काम के हैं: सवाल पढ़ें और जवाब अंग्रेज़ी में बोलें। तब स्कोर पर ध्यान न दें, सिर्फ़ टाइमर का इस्तेमाल करें।

हर दिन एक सवाल, और परीक्षा का डर कम

रोज़ पाँच मिनट निकालें: एक सवाल लें, तैयारी के समय में नोट्स बनाएँ, घड़ी के साथ बोलें और अगले सवालों के जवाब सोचें। कुछ ही दिनों में बोलना सहज लगने लगेगा।

अपने जवाब के क्यू कार्ड बनाएँ